Bigg Boss: गौरव खन्ना बिग बॉस

Bigg Boss: गौरव खन्ना बिग बॉस 19 के घर से 15 हफ्तों में कितनी की कमाई, इतने करोड़ रुपये ले गए घर

Bigg Boss 19 Winner Gaurav Khanna

Bigg Boss 19 Winner Gaurav Khanna Earning: टीवी के सबसे मशहूर रियलिटी शो बिह बॉस की ट्रॉफी गौरव खन्ना ने अपने नाम कर ली है। ट्रॉफी के साथ उन्हें 50 लाख रुपये की प्रइज मनी भी मिली हैं लेकिन 15 हफ्तों में उन्होंने जो पैसे फीस से कमाए उसके आगे यह कुछ भी नहीं।

टेलीविजन के सबसे मशहूर रियलिटी शो बिग बॉस 19 की ट्रॉफी अभिनेता गौरव खन्ना ने अपने नाम कर ली है। सलमान खान ने बिग बॉस 19 के ग्रैंड फिनाले में उन्हें ट्रॉफी के साथ विनिंग प्राइज मनी दी। गौरव खन्ना जहां शो के विनर बने वहीं फरहाना भट्ट फर्स्ट रनर-अप रहीं। (Photo: @gauravkhannaofficial/Insta)

Bigg Boss 19 Winner

गौरव खन्ना अपनी दमदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। टीवी के सबसे मशहूर शो में से एक अनुपमा में उन्होंने अनुज कपाड़िया का किरदार निभाया था जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया।

अभिनेता से पहले क्या थे?
गौरव खन्ना का जन्म कानपुर में 11 दिसंबर 1981 को हुई था। स्कूलिंग के बाद उन्होंने मुंबई से एमबीए की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक आईटी फर्म में मार्केटिंग मैनेजर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। (Photo: @gauravkhannaofficial/Insta) टीवी विज्ञापन से करियर शुरू करने वाले गौरव खन्ना की ‘अनुपमा’ से चमकी किस्मत, अब एक के बाद एक जीते दो शो

धर्मेंद्र को याद कर सलमान के निकले आंसू बिग बॉस 19 के फिनाले के दौरान सलमान धर्मेंद्र को याद करते हुए भावुक हो गए। शो में धर्मेंद्र के पुराने वीडियो दिखाए गए, जिन्हें देखकर उनकी आंखों से आंसू निकल आए। सलमान ने बताया कि धर्मेंद्र का निधन उनके पिता सलीम खान के जन्मदिन पर हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि 8 दिसंबर, जो धर्मेंद्र का जन्मदिन होता है, उसी दिन उनकी मां सलमा का भी जन्मदिन होता है।

‘बिना गाली-गलौज के भी ट्रॉफी जीती जा सकती है’
मैं बस यही कहना चाहूंगा कि आखिर में जीत हमेशा सच्चाई और अच्छाई की ही होती है। कई बार अच्छे इंसान को भी ताने सुनने पड़ते हैं, उसे नीचा दिखाने की कोशिश होती है, लेकिन हिंदुस्तान की जनता दिल से फैसला करती है। वो कहीं न कहीं अच्छाई को ही चुनती है। मेरी ये जीत इस बात का सबूत है कि बिग बॉस जैसे शो में बिना गाली-गलौज, बिना तोड़फोड़ और बिना नेगेटिविटी के भी आप ट्रॉफी तक पहुंच सकते हैं। आप अपने मुद्दे शांत तरीके से भी रख सकते हैं और अगर आप सही हैं तो जनता आपके साथ खड़ी रहती है।

‘मेरा मकसद बस लाइन क्रॉस किए बिना फिनिश करना था’
ये कोई बनाई हुई स्ट्रैटेजी नहीं थी। मैं जैसा हूं, वैसा ही शो में गया था। मैं हमेशा यही मानता रहा कि ये कोई मैराथन रेस नहीं थी, जहां शुरुआत से ही आपको पूरी रफ्तार से दौड़ना होता है। मैंने शो की शुरुआत से ही भागने की कोशिश नहीं की। मेरा बस एक ही मकसद था कि मैं अपनी ईमानदारी के साथ, अपनी लिमिट में रहते हुए फिनिश लाइन तक पहुंचूं। फिर चाहे मैं कहीं भी आऊं – मेरे लिए सबसे जरूरी था कि मैं किसी भी हाल में अपनी लाइन क्रॉस न करूं और खुद से समझौता न करूं। कई लोग शो को गलत तरीके से समझ लेते हैं और वहीं गड़बड़ कर बैठते हैं।

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